आर्थिक विकास के मुख्य सूचक :-
स्थिर कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय
राज्य की अर्थव्यवस्था
अर्थव्यवस्था के विकास की व्याख्या विभिन्न आर्थिक संकेतकों जैसे सकल राज्य घरेलू उत्पाद, शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय आदि के माध्यम से की जाती है। ये सकेतक राज्य की अर्थव्यवस्था की समग्र प्रगति को प्रदर्शित करते हैं।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी एस.डी.पी.) एक निश्चित समयावधि के दौरान राज्य के आर्थिक निष्पादन के आकलन का एक प्रमुख साधन है। यह आर्थिक विकास के स्तर में आए परिवर्तन व इसकी दिशा को इंगित करत प्रति व्यक्ति आय
(पी.सी.आई), शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (एन.एस.डी.पी.) को | राज्य की मध्यवर्षीय कुल जनसंख्या से विभाजित कर आकलित की जाती है प्रति व्यक्ति आय लोगों के जीवन स्तर एवं सम्पन्नता की सूचक है। जी एस. डी. पी. एन. एस. डी पी और प्रति व्यक्ति आय के अग्रिम अनुमान प्रचलित व स्थिर (2011-12) मूल्यों पर नीचे दर्शाये गये हैं। इसके साथ ही, सकल घरेलू उत्पाद एवं प्रति व्यक्ति आय में गत वर्ष की तुलना में हुई वृद्धि।
राज्य का सामान्य थोक मूल्य सूचकांक का ( आधार वर्ष 1999-2000=100) वर्ष 2021 में 363.23 से बढ़कर वर्ष 2022 (नवम्बर, 2022 तक) में 385.45 हो गया, जिसमें 6.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन, शक्ति, प्रकाश एवं उपस्नेहक एवं विनिर्मित उत्पाद समूह के सूचकांक में गत वर्ष की तुलना में नवम्बर, 2022 तक क्रमश: 9.92, 1.20 तथा 5.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। दूसरी ओर, अखिल भारतीय स्तर पर, थोक मूल्य के सामान्य सूचकांक (आधार वर्ष 2011-12-100) में गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2022 में 12.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राजस्थान में राजस्थान कुल धात्विक खनिज
17 धात्विक खनिज
39 अधात्विक खनिज
कुल 81 प्रकार के खनिजों का उत्खनन किया जा रहा है -
सड़क एव परिवहन व आधारभूत सरचना ---
राज्य में प्रति 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सड़को एक औसत घनत्व 81. 47 किलोमीटर है |
भारत का प्रति 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सड़को का औसत घनत्व 165. 23 है |
राजस्थान और शहरी जनसंख्या
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान राज्य के सभी उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा 26 अक्टूबर, 2020 से "शुद्ध के लिए युद्ध" अभियान चलाया जा रहा है। एक टीम का गठन किया गया है। जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रर्वतन अधिकारी कानूनी मेट्रोलॉजी अधिकारी तथा डेयरी प्रतिनिधि शामिल । खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण समिति का गठन किया गया है। इस अभियान के तहत नवम्बर, 2022 तक 13,166 निरीक्षण कर 13,066 नमूने लिए गए।
निरोगी राजस्थान अभियान: यह अभियान राजस्थान के सभी नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं और उनके निवारण के लिए 18 दिसंबर, 2019 को शुरू किया गया। इस योजना के तहत मौसमी संचारी रोग असक्रामक रोग, प्रदुषण आदि पर नियंत्रण के प्रयास किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना: "मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना और मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना की सीमाओं का विस्तार करने के लिए 1 मई, 2022 से "मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी me राजस्थान योजना की शुरूआत की गयी।
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